
आज के समय में हर कोई गोरा दिखना चाहता है लड़का हो या लड़की हर किसी को गोर दिखने की इच्छा है। हर किसी के मन में यही चलता है की कैसे सावले रंग से छुटकारा पाया और कैसे अपने हाथ – पैर अपने चेहरे व गर्दन...

आज के समय में हर कोई गोरा दिखना चाहता है लड़का हो या लड़की हर किसी को गोर दिखने की इच्छा है। हर किसी के मन में यही चलता है की कैसे सावले रंग से छुटकारा पाया और कैसे अपने हाथ – पैर अपने चेहरे व गर्दन...

बंध का अर्थ एवं परिभाषा – बंध शब्द का शब्दिक अर्थ है-बाँधना या कड़ा करना। बंध शारीरिक अभ्यास है परंतु अभ्यासी के संपूर्ण शरीर में व्याप्त विचारों एवं आत्मिक तरंगों में प्रवेश कर ये चक्रों पर सूक्ष्म प्रभाव डालते हैं। बंधों के अभ्यास से शरीर के सूक्ष्म...

अर्द्धमत्स्येंद्रासन का नामकरण – मत्स्येंद्र नाम के एक महान योगी हुए हैं। वे इस आसन में प्राय: बैठा करते थे। इसलिए इस आसन का नाम मत्स्येंद्रासन है। इसक सरल रूप को अर्द्धमत्स्येंद्रासन कहते हैं। अर्द्धमत्स्येंद्रासन की विधि – सर्वप्रथम दंडासन में बैठकर दाएँ पैर को मोड़कर जमीन पर...

योग (Yoga), भारतीय संस्कृति का मूल अंग है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए एक अद्वितीय उपाय है। योग (Yoga) के माध्यम से हम अपने शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करते हैं और जीवन को स्वस्थ, खुशहाल और सकारात्मक बनाते हैं।...

Yoga Philosophy (योग दर्शन) के मूल सिद्धांतों को सरल शब्दों में समझाना संभव है, जहाँ मन, शरीर, और आत्मा को अलग नहीं माना जाता है, बल्कि इन्हें एकत्रित और एकीकृत माना जाता है। यह दृष्टिकोण मनुष्य की अंतर्निहित सार्वभौमिकता को प्रतिष्ठित करता है। कई दार्शनिक धारणाएं...

लम्बाई कैसे बढ़ाये? 16 साल या 21 साल के बाद हाइट कैसे बढ़ायें – लम्बाई बढ़ाने के घरेलु उपाय – आज के समय में एक अच्छी हाइट होना हर किसी का सपना होता है सभी बच्चे अपनी हाइट को लेकर चिंतित रहते हैं क्योंकि अच्छी हाइट इंसान की पर्सनालिटी को बढ़ाता...

वस्त्रधौति क्या है। ‘वस्त्र’ का अर्थ है कपड़ा। पेट एवं भोजन नली को कपड़े से साफ करने की क्रिया वस्त्रधौति है। वस्त्रधौति एक अत्यंत लाभकारी शोधन योग क्रिया है जो पुरे शरीर को साफ करते हुए शरीर से विषैले पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करता...

अग्निसार धौति – इस क्रिया द्वारा जठराग्नि को तीव्र करके पाचन शक्ति बढ़ाई जाती है। धौति का अर्थ शरीर की अशुद्धियों को धोकर बाहर निकालने की क्रिया है।अग्निसार क्रिया प्राणायाम का एक प्रकार है। “अग्निसार क्रिया” से शरीर के अन्दर अग्नि उत्पन होती है, जो कि शरीर...

शीतली प्राणायाम का अर्थ एवं परिभाषा – इस प्राणायाम के द्वारा संपूर्ण शरीर में शीतलता का प्रसन्नता अनुभव होता है। इस कारण इसे शीतली प्राणायाम कहते हैं। जिह्यया वायुमाकृष्य पूर्ववत् कुम्भसाधनम्। शनकेर्ष्राणरज्ध्वाभ्यां रेचयेत् पवन सुधी:॥ जीभ को दोनों ओर से मोड़कर, परनाले की तरह विशेष स्थिति में...

उज्जायी प्राणायाम का अर्थ एवं परिभाषा – उद् = जोर से, जायी = विजय प्राप्त करना। मुखं संयम्य नाड़ीभ्यामाकृष्य पवन शने:। यथा लगति कण्ठात्तु हृदयावधि सस्वनम्॥ मुख को बंद करके दोनों नथुनों से वायु को कुछ आवाज के साथ धीरे-धीरे इस प्रकार लेगा चाहिए जिससे कंठ से...
Mr. Kunwar Ajitesh Founder of Kunwar Yoga – he is registered RYT-500 Hour and E-RYT-200 Hour Yoga Teacher in Yoga Alliance USA. He have Completed also Yoga Diploma in Rishikesh, India.
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